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Monday, August 3, 2015

The Prophet by Kahlil Gibran - Friendship" " दोस्ती "



 I had been translating  " The Prophet "  a timeless classic by Kahlil Gibran. Sharing with you few gems from that  translation in hindi.Today  - on  " Friendship" " दोस्ती  "


और एक युवक ने कहा ,
                     “ हमें दोस्ती के बारे में बताओ “
और उसने कहा ,
             तुम्हारा दोस्त तुम्हारी जरूरतों का हल है
वह तुम्हारी वो  फसल है जिसे तुम प्रेम से बीजते हो और धन्यवादता से काटते हो ।
तुम अपनी तड़प के साथ उसके पास आते हो और उसमें शांति खोजते हो ।
जब भी तुम्हारा दोस्त तुमसे बोलता है , तुम न तो न कहते हुए डरते हो , न ही ,हाँ को रोकते हो ।
और जब वो कुछ नहीं बोलता, तुम्हारा दिल सतत उसके मौन को सुनता है ।
दोस्ती में बिना बोले , सभी विचार, सभी इच्छायेँ, सभी आशाएँ जन्मती हैं , और बांटी जाती हैं ,उस आनन्द के साथ जिसका कोई परावार नहीं ।
और दोस्ती में कोई  उदेश्य नहीं  होना चाहिए , सिवा इस के की आत्मा की गहराई बढ़े ।
क्योंकि वो प्रेम जो सिर्फ चाहता है , प्रेम के रहस्य के सिवा , वो प्रेम नहीं , सिर्फ एक फेंका हुआ जाल है , जिसमें सिर्फ व्यर्थ ही फसेगा ।
और अपने दोस्त के लिए सर्वोत्तम रखो ।
क्या दोस्त है तुम्हारा , जिसे तुम समय काटने की लिए ढूंढते हो।
उसको ढूंढो समय जीने के लिए ...............


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