I had been translating " The Prophet " a timeless classic by Kahlil Gibran. Sharing with you few gems from that translation in hindi.Today - on " Friendship" " दोस्ती "
और एक युवक ने कहा ,
“ हमें दोस्ती के बारे में बताओ
“
और उसने कहा ,
तुम्हारा दोस्त तुम्हारी जरूरतों का
हल है
वह तुम्हारी वो फसल है जिसे तुम प्रेम से बीजते हो और धन्यवादता
से काटते हो ।
तुम अपनी तड़प के साथ उसके पास
आते हो और उसमें शांति खोजते हो ।
जब भी तुम्हारा दोस्त तुमसे बोलता
है , तुम न तो न कहते हुए डरते हो , न ही ,हाँ को रोकते हो ।
और जब वो कुछ नहीं बोलता, तुम्हारा
दिल सतत उसके मौन को सुनता है ।
दोस्ती में बिना बोले , सभी विचार, सभी इच्छायेँ, सभी आशाएँ जन्मती हैं , और बांटी जाती हैं ,उस आनन्द के साथ जिसका कोई परावार नहीं ।
और दोस्ती में कोई उदेश्य नहीं होना चाहिए , सिवा इस के की आत्मा की गहराई बढ़े ।
क्योंकि वो प्रेम जो सिर्फ चाहता
है , प्रेम के रहस्य के सिवा , वो प्रेम नहीं , सिर्फ एक फेंका हुआ जाल है , जिसमें सिर्फ व्यर्थ ही फसेगा ।
और अपने दोस्त के लिए सर्वोत्तम
रखो ।
क्या दोस्त है तुम्हारा , जिसे तुम समय काटने की लिए ढूंढते हो।
उसको ढूंढो समय जीने के लिए ...............
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