I had been translating " The Prophet " a timeless classic by Kahlil Gibran , published in early twentieth century. I am sharing with you few gems from that translation in Hindi.Today i am sharing his saying on " Joy and Sorrow"
फिर एक औरत ने कहा
हमें " ख़ुशी और गम ' के बारे में बताओ
और उसने कहा
तुम्हरी ख़ुशी ,तुमाहरे दुःख का बेपर्दा हो जाना है।
और उसी कुँए से जहाँ से तुम्हारी हंसी उठी थी , कई बार तुम्हारे आंसुओं ने उसे भरा था।
और यह कैसे हो सकता है -
जितना गहरा दुःख तुमहारे अस्तित्व में उतरता जायेगा
उतनी ज्यादा ख़ुशी हो पायेगी।
क्या ऐसा नहीं
की जिस कप में तुमने शराब पी रहे हो , वह कुम्हार की भट्टी में तपा था।
और क्या ऐसा नहीं
की जो वीणा तुम्हरी आत्मा को शांत करती है उसे चाकू से खोखला किया गया था।
जब भी तुम दुखी हो
अपने दिल की गहराईयों में देखना , की जो तुम्हें ख़ुशी दे रहा है , यह वही है जिसने कभी तुम्हे गम दिया था।
तुम से कुछ कहतें हैं
की ख़ुशी गम से महान है ,
और कुछ कहते हैं
नहीं गम बड़ा है।
लेकिन में तुमसे कहता हूँ
वो एक हैं।
इकठे वे आते हैं , और जब एक तुम्हरे साथ होता है ,
दूसरा तुम्हरे बिस्तरे पे सो रहा होता है। …
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